रायगढ़, 04 जनवरी 2026। जिले में औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्भाग रायगढ़ द्वारा लगातार किए जा रहे निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली के गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं। इन उल्लंघनों को गंभीर मानते हुए कुल 03 कारखानों के विरुद्ध श्रम न्यायालय रायगढ़ में आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्भाग रायगढ़ के उप संचालक श्री राहुल पटेल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई कारखानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे श्रमिकों की जान और स्वास्थ्य पर सीधा खतरा उत्पन्न हो रहा था। औद्योगिक दुर्घटनाओं की जांच के बाद दोषी पाए गए कारखानों के अधिभोगियों एवं प्रबंधकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है।
दायर प्रकरणों के अनुसार,
मेसर्स सुनील इस्पात एंड पावर प्रा. लि., ग्राम चिरईपानी, पोस्ट लाखा के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री प्रमोद कुमार तोला के विरुद्ध कारखाना अधिनियम की धारा 7ए(2)(ए) एवं 7ए(2)(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मेसर्स आर.एस. इस्पात (रायगढ़) प्रा. लि., ओ.पी. जिंदल इंडस्ट्रियल पार्क, पूंजीपतरा के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री विवेक चंद्र उपाध्याय के विरुद्ध कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 7ए(2)(ए) एवं धारा 21(1)(4) के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
वहीं मेसर्स एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड, ग्राम एवं पोस्ट जामगांव के अधिभोगी श्री प्रदीप कुमार डे के विरुद्ध धारा 7ए(2)(डी) एवं 7ए(2)(ए) के तहत आपराधिक प्रकरण दायर किया गया है।
उप संचालक श्री पटेल ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी कारखाना अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाली किसी भी औद्योगिक इकाई के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई की जाएगी।




